5G क्या है? ,5G कैसे काम करता है? ,5G के क्या फायदे हैं?
5G क्या है? 5G कैसे काम करता है?
नेटवर्किंग की इस दुनिया में इंटरनेट(internet) हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है। हरेक इंसान आज बिना इंटरनेट के अधूरापन महसूस करता है।
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2G, 3G, 4G और 5G में G से अभिप्राय जनरेशन(generation) से है। अर्थात पीढ़ी। पहली पीढ़ी से लेकर पांचवी पीढ़ी तक के इस सफर में इंटरनेट स्पीड(internet speed), क्षमता ( Capicity) एवं वर्जन (version) में विस्तार के साथ नया संस्करण पेश कर उसे जनरेशन का नाम दिया गया है। 5G भी उसी का एक उदाहरण है।
इंटरनेट हमारे जीवन में है तो सब कुछ खुशहाल नजर आता है।इसी इंटरनेट की शुरुआत 1991 में 2G के साथ सुचारू रूप से हुई थी। 2G, 3G और 4G के बाद अब 2021 में 5G का आगाज हो चुका है। 5G प्रोजेक्ट (project) पर 2018 से काम चल रहा है। और 2021,मई महीने में इसकी टेस्टिंग (testing) भारत में शुरू हुई।
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अब तक दुनिया के कई बड़े देशों में 5G सेवा कई दिनों से चल रही है नार्वे एक मात्र ऐसा देश है जहां 7G सेवा का उपयोग हो रहा है एवं 8G पर टेस्टिंग चल रही है।गति में सुधार के अलावा, प्रौद्योगिकी (Technology) से बड़े पैमाने पर 5G IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) पारिस्थितिकी तंत्र को मुक्त करने की उम्मीद है जहां नेटवर्क गति, विलंबता (Delay time) और लागत के बीच सही ट्रेड-ऑफ के साथ अरबों जुड़े उपकरणों के लिए संचार आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकता है।
इंटरनेट की पीढ़ी के अनुसार उनकी
स्पीड निम्न प्रकार से है।
क्रम संख्या. पीढ़ी. स्पीड
1 1G 2kbps
2 2G 64kbps
3 3G 5mbps
4 4G 20mbps
5 5G 100mbps
5G कैसे काम करता है ?
5G लो-लेटेंसी ( low-letency) पर काम करता है। यही कारण है इसकी स्पीड (speed)सबसे ज्यादा है। जानकारों के मुताबिक यह 4G से 100 गुणा तेज है।
5G पुराने ब्राड बैंड रेडियो की तरह काम करेगा। रेडियो फ्रीक्वेंसी तरंगों के माध्यम से डाटा का आदान प्रदान होगा एवं कम से कम 30Ghz से 300Ghz फ्रिक्वेंसी में ही काम करेगा।
5G बदल देगा आपकी दुनिया
मोबाइल कम्युनिकेशन (Mobile Communication) में एक बहुत बड़ा बदलाव जल्द ही आने वाला है कई बड़ी कंपनियां 5G मोबाइल तकनीक लाने में है यह आपके जीवन को बदल देंगी ।आने वाला समय 5G का है यानी मोबाइल तकनीकी पांचवी जनरेशन ,और यह पहले के मोबाइल नेटवर्क (Network) से बिल्कुल अलग होने वाला हैै
1G ने हमें एनालोग (Analogue) फोन दिया जिससे हम कॉल कर सकें और 2G ने हमें मोबाइल मैसेज एवं काल रिकॉर्ड मुमकिन किया।3G स्मार्टफोन एवं डिजिटल ब्राड बैंड सर्विस के इस्तेमाल को आसान कर दिया। 4G ने इन सभी चीजों को तेज स्पीड (high-speed) दी लेकिन 5G पृथ्वी से मंगल जाने जैसा है ये सर्विस तेज ही नहीं बल्कि बिलकुल अलग है इस दुनिया में मशीनें आपस में बातें करेंगी जी हां अपने आप से बात करेंगी। यह मुमकिन करने के लिए कई एन्टीना लगाने होंगे । ऐसा इसलिए क्योंकि एक साथ कई लाखों डिजिटल डिवाइस कनेक्ट होने के इंतजार में है ताकि वे आपस में बातें कर सकें। एवं एक-दूसरे से तालमेल बिठा सकें। और हमारी जिंदगी आसान बना सकें। इतनी आसान जितनी शायद आप सोच भी नहीं पाते हैं ।
ये आप को अपने घर में बिजली की खपत कम करने में मदद करेगा, यह आपके फ्रिज को यह फैसला लेने में मदद करेगा कि आपको सब्जियां कब आडर करनी है ताकि एक सेल्फ ड्राइविंग ट्रक उन्हें डिलीवर कर सके। बर्तन व कपड़े कब धोने हैं ये भी आपका डिशवासर और वाशिंग मशीन खुद समझ जाएंगे। अभी हमें अपनी मशीनों को इंस्ट्रक्शन (Instructions) देने पड़ते हैं 5G की दुनिया में मशीनें आपसे राय लेंगी या खुद ही आपस में फैसला ले सकती हैं। जब मशीनें ऐसी हो जाएंगी तो इंसानों के काम सही तरीके से होने लगेंगे। सड़क पर चलती हुई आपकी गाड़ी सोच रही होगी ।सड़क पर किसी बिल्डिंग या पास से गुजर रही साइकिल के पास से गुजरते समय आसपास के सभी सेंसर से कनेक्ट रहेगी,उस ट्रैफिक लाइट से भी जो काफी दूर हो जिसे आप देख भी नहीं सकते ।सब कुछ आसान हो जाएगा। 5G इन डिवाइसेज को तेज स्पीड देगा, लेकिन स्पीड के साथ-साथ स्थिरता भी जरूरी है क्योंकि यह डिवाइसेज लगातार अलग-अलग एंटीना से कनेक्ट होते रहेंगे। खास तौर पर तब जब आप तेजी से गुजर रहे होंगे


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